गाड़ी लेने वाला ग्राहक एक साथ चार शोरूम को मैसेज करता है. जिसका जवाब पहले आता है उसकी टेस्ट-ड्राइव पहले तय होती है. boliqAI मॉडल, बजट, लोन और एक्सचेंज — चारों बातें पूछ लेता है, यानी आपका बिक्री-कर्मचारी जब फ़ोन उठाता है तब उसके हाथ में पूरी तस्वीर होती है.
…और आपके फ़ोन पर: 🚗 टेस्ट-ड्राइव की माँग — अजय · Creta पेट्रोल · ₹१६–१८ लाख · i20 एक्सचेंज
एक ही पूछताछ पर कई डीलर टूट पड़ते हैं. यह मिनटों का खेल है.
हर वेरिएंट के लिए वही सवाल. आपकी सेल्स टीम का आधा दिन इसी में जाता है.
पुरानी गाड़ी है क्या, EMI चाहिए क्या — यह पहले से पता न हो तो ग्राहक को दो बार वही बताना पड़ता है.
रात और छुट्टी के दिन आए मैसेज सुबह पढ़े जाते हैं — तब तक देर.
एक ही ढर्रे का बॉट सबके लिए नहीं चलता. इस एजंट के सवाल, शब्द और नोट्स वाहन डीलरशिप के लिए अलग रखे हैं.
एकदम प्रश्नावली नहीं — बातों-बातों में, ग्राहक को पूछताछ जैसी लगे इस तरह. जितना पता चले उतना दर्ज करता है.
आपका आदमी जब फ़ोन उठाता है तब उसके हाथ में पूरी तस्वीर होती है — शुरू से शुरुआत नहीं करनी पड़ती.
अपने WhatsApp Business नंबर पर एजंट लगाकर देखिए. पसंद आए तो रखिए, न आए तो बंद कर दीजिए — करार नहीं, नोटिस नहीं.
आज ही शुरू करें → कीमत देखें — ₹३९९ सेआपने भरी हुई सीमा वह बताता है. RTO, बीमा और ऑफ़र हर महीने बदलते हैं, इसलिए आख़िरी आँकड़ा जानबूझकर आपके आदमी पर छोड़ा जाता है — ग़लत आँकड़ा जाने से यह सुरक्षित है.
नहीं. डाउन-पेमेंट और अवधि पूछकर दर्ज करता है और आपके फ़ाइनेंस मैनेजर को lead देता है. बैंक की दर के बिना हिसाब लगाना यानी ग्राहक को झूठा भरोसा देना.
चलता है. ग्राहक किस ब्रांड/मॉडल के बारे में पूछ रहा है यह पहचानकर उसी हिसाब से बात करता है और दर्ज भी वैसा ही होता है.
वे भी वह लेता है — समय, स्लॉट और गाड़ी का ब्यौरा पूछकर अलग दर्ज करता है, ताकि बिक्री और सर्विस आपस में न मिलें.
एक ही boliqAI — सवाल और नोट्स बस धंधे के हिसाब से बदलते हैं.