विज्ञापन देखकर आई पूछताछ सबसे गरम होती है — पर वह रात ११ बजे आती है, और आपका साइट-मैनेजर सुबह जवाब देता है. तब तक वह ग्राहक कहीं और विज़िट बुक कर चुका होता है. boliqAI उसी मिनट जवाब देता है, BHK, बजट, जगह और लोन पूछता है, और आपको तैयार ग्राहक सौंपता है.
…और उसी क्षण आपके फ़ोन पर: 🔥 HOT lead — रवि · 2 BHK · ₹६०–७५ लाख · वाघोली · लोन चाहिए
प्रॉपर्टी की पूछताछ का बड़ा हिस्सा दफ़्तर के समय के बाहर आता है. पहला जवाब कौन देता है, इसी से तय होता है कि विज़िट किसे मिलेगी.
दिन में पचास बार वही सवाल. आदमी का समय उसी में जाता है और सचमुच गंभीर ग्राहक कतार में पीछे रह जाता है.
बजट, कब तक चाहिए, लोन लगेगा क्या — यह पूछे बिना साइट-विज़िट तय करना अपने ही समय का जुआ है.
“सोचकर बताता हूँ” कहने वाला ग्राहक किस डायरी में खो जाता है, यह पता ही नहीं चलता.
एक ही ढर्रे का बॉट सबके लिए नहीं चलता. इस एजंट के सवाल, शब्द और नोट्स बिल्डर व डेवलपर के लिए अलग रखे हैं.
एकदम प्रश्नावली नहीं — बातों-बातों में, ग्राहक को पूछताछ जैसी लगे इस तरह. जितना पता चले उतना दर्ज करता है.
आपका आदमी जब फ़ोन उठाता है तब उसके हाथ में पूरी तस्वीर होती है — शुरू से शुरुआत नहीं करनी पड़ती.
अपने WhatsApp Business नंबर पर एजंट लगाकर देखिए. पसंद आए तो रखिए, न आए तो बंद कर दीजिए — करार नहीं, नोटिस नहीं.
आज ही शुरू करें → कीमत देखें — ₹३९९ सेपैनल में आप प्रोजेक्ट, दर-सीमा, अमेनिटीज़, पज़ेशन तारीख़ और ब्रोशर/फ़्लोर-प्लान फ़ाइलें एक बार भरते हैं. एजंट वही पढ़कर बात करता है. जानकारी बदली कि एजंट भी बदल जाता है — हमसे पूछने की ज़रूरत नहीं.
आपने जो दर-सीमा भरी है, उतनी ही. आख़िरी आँकड़ा, छूट या मोल-भाव आपका फ़ैसला है — वहाँ वह ग्राहक को आपके पास भेज देता है.
नहीं. boliqAI आपके ही व्यवसाय की ओर से पूछताछ लेता है और जानकारी देता है — दलाली या सौदा नहीं करता. इसीलिए हम उसे सहायक कहते हैं.
उल्टा. उबाऊ पहली छानबीन एजंट करता है; आपका आदमी सिर्फ़ तैयार, जानकारी-भरे ग्राहक से बात करता है. वही काम उसे आता है और वही पैसे लाता है.
एक ही boliqAI — सवाल और नोट्स बस धंधे के हिसाब से बदलते हैं.